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कंबोडिया और चीन से साइबर ठगी सीख कर हरियाणा में करने लगा ठगी, 14 अगस्त को आया था भारत और कुछ ही दिनों में चढ़ गया पुलिस के हत्थे।

लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे रुपए ट्रांसफर कराने वाले एक आरोपी को गुड़गांव पुलिस की साइबर टीम ने लुधियाना से काबू किया है। आरोपी की पहचान लुधियाना के रहने वाले शिवा उर्फ हर्ष के रूप में हुई। आरोपी को पुलिस ने आठ दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान जो खुलासे हुए उसने गुड़गांव पुलिस को भी हैरत में डाल दिया। आरोपी इससे पहले कंबोडिया और चीन में भी ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।


पुलिस के मुताबिक, आरोपी से प्रारंभिक तौर की पूछताछ में सामने आया कि उसने गुड़गांव में एक व्यक्ति से लाखों रुपए की ठगी की थी। इस रकम में से 50 हजार रुपए उसने मानव के खाते में ट्रांसफर किए थे। मानव को गुड़गांव पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी मानव आरोपी शिवा का भाई है। आरोपी शिवा ने ही आरोपी मानव का बैंक खाता अन्य व्यक्ति को 10 हजार रुपए में बेचा था। आरोपी शिवा ने बताया कि उनके पास पैसों की कमी थी जिसके चलते यह अपने अन्य साथियों के माध्यम से पहले कंबोडिया गया और वहां पर CBI, TRAI व फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट करके साइबर ठगी करने लगा। जब कम्बोडिया में पुलिस की रेड हुई तो यह मार्च-2025 में लाओस चला गया और वहां चाइना मूल के लोगों द्वारा संचालित कॉल सेंटर में काम करते हुए इन्वेस्टमेंट फ्रॉड करने की वारदातों को अंजाम देने लगा। आरोपी 14 अगस्त को लाओस से भारत आया था और पुलिस द्वारा पुलिस तकनीकी की सहायता से आरोपी को काबू करके गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने एक पासपोर्ट व एक मोबाइल बरामद किया है।


आपको बता दें कि 14 मई को साइबर थाना वेस्ट पुलिस को एक व्यक्ति ने बताया था कि उसे एक व्यक्ति का फोन आया था जिसने बताया था कि उसका नंबर गलत गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है। ऐसे में फोन करने वाले उसे कथित पुलिसकर्मियों के साथ जोड़ते हुए डिजिटल अरेस्ट कर उससे रुपए ट्रांसफर कराए थे। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं, अब पुलिस ने एक अन्य आरोपी शिवा को काबू कर लिया है…

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