
कुरुक्षेत्र साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को छत्तीसगढ़ से पकड़कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि इन दोनों के खातों से देश के अलग-अलग हिस्सों में ठगे गए लोगों के करीब 6 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।
छत्तीसगढ़ से दबोचे गए आरोपी
साइबर थाना पुलिस ने दर्ज मामले की तफ्तीश के दौरान गिरिश पवार और धुव कुमार नामक आरोपियों की पहचान की। दोनों को दुर्ग जिले (छत्तीसगढ़) से गिरफ्तार किया गया। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस की कार्रवाई से शिकायतकर्ता के खातों में भेजे गए 14 लाख 88 हजार रुपये होल्ड कराकर वापस दिलवाए गए हैं।
संस्था का निदेशक निकला एक आरोपी
साइबर थाना प्रभारी PSI महेश कुमार के अनुसार, शिकायतकर्ता के खाते से 16.30 लाख रुपये आरोपी गिरिश पवार के खाते में ट्रांसफर हुए थे। गिरिश पवार ‘सूर्या पथ फाउंडेशन’ नामक संस्था का डायरेक्टर है। जांच में पता चला है कि गिरिश पवार और साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्य मिलकर ठगी की रकम अलग-अलग खातों में मंगवाते थे और इसके बदले खाते धारकों को कमीशन दिया जाता था। गिरिश पवार और धुव कुमार अपने खातों का इस्तेमाल करने के बदले एक से डेढ़ प्रतिशत तक कमीशन लेते थे।
देशभर से 113 शिकायतें दर्ज
PSI महेश कुमार ने बताया कि मई 2025 के दौरान आरोपियों के खातों में लगभग 6 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ, जिससे उन्हें करीब 6.50 लाख रुपये कमीशन के रूप में मिले। आरोपी के HDFC बैंक खाते के खिलाफ 75 और अन्य खातों के खिलाफ 38 शिकायतें दर्ज हैं। कुल मिलाकर देशभर में इनके खातों को लेकर 113 शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस ने अब तक करीब 15 लाख रुपये होल्ड कराकर पीड़ितों को वापस दिलवाए हैं।
पुलिस ने साफ किया है कि यदि कोई भी खाता साइबर ठगी में बेनामी या संदिग्ध लाभ उठाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










