गुरुग्राम की अदालत ने भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता नवीन कुमार यादव और कंप्यूटर ऑपरेटर चंद्रशेखर को दोषी ठहराते हुए 4-4 साल का कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपए जुर्माना सुनाया है।
मामले की जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत एचईडब्ल्यूपी के ठेकेदारी लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसके बदले में नवीन कुमार यादव ने शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए रिश्वत मांगनी शुरू कर दी थी। यह रिश्वत राशि कंप्यूटर ऑपरेटर चंद्रशेखर ने ली, जिसे एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई से विभाग में भ्रष्टाचार पर कड़ी नजर बनाए रखने की कोशिश स्पष्ट हुई है और ऐसे मामलों में सख्ती का संदेश भी दिया गया है।


