
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। धौज क्षेत्र से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित फतेहपुर तगा गाँव में पुलिस ने एक घर में छापेमारी करते हुए संदिग्ध विस्फोटक सामग्री के 2,563 किलो से ज्यादा सामान जब्त किया है।
यह कार्रवाई फरीदाबाद पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है।
सुबह से चली इस रेड के दौरान टीम ने जिस घर में सामान पाया, उसे मौलाना के नाम पर रजिस्टर्ड बताया जा रहा है। यह मकान डॉ. मुजामिल नाम के व्यक्ति ने किराये पर लिया था। मौलाना को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री किस उद्देश्य से इकट्ठी की गई थी और इसके पीछे किस तरह का नेटवर्क काम कर रहा था — यह जांच का मुख्य हिस्सा है।
फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सत्येंद्र कुमार ने बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है।
पता चला है कि घर से बरामद सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए पुलिस ने एक टेंपो बुलाया और सामग्री को उसमें शिफ्ट किया जा रहा है।
इसी इलाके में एक दिन पहले भी कार्रवाई की गई थी, जहाँ डॉ. मुजामिल के किराये के कमरे से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, दो राइफलें और कई हथियारों से संबंधित उपकरण मिले थे।

कैसे खुला पूरा मामला?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब जम्मू–कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पोस्टर लगाने का मामला दर्ज किया। जांच में पाया गया कि एक डॉक्टर, जो जम्मू-कश्मीर में प्रैक्टिस करता था, लगातार ऐसे लोगों के संपर्क में था जिनके लेन-देन और मूवमेंट संदिग्ध थे। इनकी कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और यात्रा की लोकेशन ट्रैक की गई। कुछ समय बाद पता चला कि ये लोग जम्मू-कश्मीर से बाहर भी सक्रिय हैं और हरियाणा तथा यूपी में किराये पर लिए गए कुछ स्थानों पर बार-बार यात्रा कर रहे थे।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सुरक्षा एजेंसियों को पता चला कि फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गाँव में एक किराये के मकान में संदिग्ध गतिविधियाँ चल रही हैं। इसके बाद एक संयुक्त ऑपरेशन का प्लान बनाया गया, जिसमें फरीदाबाद पुलिस, क्राइम ब्रांच और जम्मू–कश्मीर पुलिस शामिल हुई। टीम ने पहले दिन घर पर सर्च ऑपरेशन चलाया और एक कमरे से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, हथियारों के पार्ट्स, राइफलें और अन्य उपकरण जब्त किए। यह बरामदगी इतनी बड़ी थी कि पुलिस को संदेह हुआ कि पास में और भी ऐसा सामान छिपाकर रखा गया है। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर टीम ने अगले दिन उसी गाँव में एक अन्य घर पर रेड की, जो मौलाना द्वारा किराये पर दिया गया था और जिसे डॉक्टर मुजामिल ने उपयोग में लिया हुआ था। यहाँ से पुलिस को 2,563 किलो से अधिक संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिली, जिसे टेम्पो बुलाकर बाहर निकाला गया। इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ छोटे स्तर का मामला नहीं था, बल्कि एक संगठित मॉड्यूल काम कर रहा था, जिसके तार जम्मू–कश्मीर से लेकर हरियाणा और यूपी तक फैले हुए थे। अब तक कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एजेंसियाँ जांच कर रही हैं कि यह सामग्री कहां और कैसे इस्तेमाल की जानी थी, तथा इस नेटवर्क में और कौन शामिल था। इस तरह एक छोटे से पोस्टर लगाने की घटना से शुरू हुई जांच ने एक बड़े ऑपरेशन और भारी मात्रा में संदिग्ध विस्फोटक पकड़े जाने तक का रूप ले लिया।

अब तक कुल 7 लोग गिरफ्तार
जाँच में शामिल तीन राज्यों — हरियाणा, उत्तर प्रदेश, और जम्मू–कश्मीर — से अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान इस प्रकार है:
| नाम | मूल स्थान |
|---|---|
| आरिफ निसार डार उर्फ साहिल | नवगाम, श्रीनगर |
| यासिर-उल-अशरफ | नवगाम, श्रीनगर |
| मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद | नवगाम, श्रीनगर |
| मौलवी इरफान अहमद (इमाम) | शोपियां |
| जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा | गांदरबल |
| डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब | पुलवामा — गिरफ्तार फरीदाबाद से |
| डॉ. अदील | कुलगाम — गिरफ्तार फरीदाबाद से |
जांच एजेंसियाँ इस बात को समझने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री का उद्देश्य क्या था और इस नेटवर्क की पहुँच कितनी विस्तृत है।










