करनाल जिले के सौंकड़ा गांव के नजदीक नहर किनारे चल रहे पाइपलाइन प्रोजेक्ट के दौरान गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। रजबाहे के लिए डाली जा रही पाइपलाइन की खुदाई के समय गहरे गड्ढे की मिट्टी अचानक भरभराकर गिर पड़ी, जिससे दो मजदूर दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मजदूर गड्ढे में उतरकर काम कर रहे थे
जानकारी के मुताबिक, नहर के साथ डेरे की ओर जाने वाली सड़क पर पाइपलाइन बिछाने का काम ठेके के माध्यम से कराया जा रहा था। हादसे के वक्त कई मजदूर गड्ढे में उतरकर काम कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर की मिट्टी धंस गई और दो श्रमिक उसकी चपेट में आ गए। आसपास मौजूद अन्य मजदूरों ने तुरंत उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मृतकों की पहचान सांभी गांव निवासी 42 वर्षीय रामपाल और भिवानी क्षेत्र के 40 वर्षीय आसाराम के रूप में हुई है। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
पर्याप्त सुरक्षा साधन उपलब्ध नहीं थे
घटना के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि गहरे गड्ढे में काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा साधन उपलब्ध नहीं थे। इस संबंध में पुलिस जांच शुरू कर चुकी है। जांच अधिकारी कर्मबीर के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से हादसा हुआ। आगे की कार्रवाई परिजनों की शिकायत के आधार पर की जाएगी। फिलहाल एक पक्ष इसे दुर्घटना बता रहा है, जबकि दूसरा लापरवाही का आरोप लगा रहा है।
मृतक रामपाल की पत्नी सुषमा ने आरोप लगाया कि खराब मौसम के बावजूद मजदूरों को काम पर बुलाया गया। उनका कहना है कि मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने बताया कि जैसे ही मजदूर गड्ढे में उतरे, अचानक मिट्टी गिर गई और उनके पति दब गए। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी।
इस हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और ठेकेदार की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


