हरियाणा के फरीदाबाद जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बल्लभगढ़ साइबर क्राइम यूनिट ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने CAG (भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) से सेवानिवृत्त एक वरिष्ठ अधिकारी को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर ली थी।
रिटायर अधिकारी से 2.13 करोड़ की ठगी
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी और 2 करोड़ 13 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। 30 जनवरी 2026 को पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ में लिखित शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये बैंक खातों में ही फ्रीज करा दिए, जिससे बड़ी रकम बचाई जा सकी।
पुणे से 3 आरोपी काबू
जांच के दौरान पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के पुणे शहर में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन्हें फरीदाबाद लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से पांच दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की गई है।
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी जसवंत सिंह के अनुसार, आरोपी अंतरराष्ट्रीय कॉल को विशेष उपकरणों के जरिए लोकल कॉल में बदल देते थे, ताकि पीड़ित को शक न हो। पुलिस ने इनके पास से सिम बॉक्स, कॉल कन्वर्टर डिवाइस और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं। साथ ही लगभग 256 सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं।
मास्टरमाइंड फरार, पूछताछ जारी
पुलिस का कहना है कि गिरोह का मुख्य सरगना अभी गिरफ्त से बाहर है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया है।
जागरूकता ही बचाव
पुलिस समय-समय पर साइबर ठगी से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाती रहती है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल, डिजिटल अरेस्ट या जांच एजेंसी के नाम पर डराने-धमकाने की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें। सतर्कता ही ऐसी ठगी से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।


