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हरियाणा में 4000 अध्यापकों की नौकरी खतरे में, साल 2012 में हुड्डा सरकार में हुए थे भर्ती: लेकिन अभी तक भी HTET पास नहीं कर पाए

हरियाणा में करीब चार हजार प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी पर एक बार फिर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। ये शिक्षक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में विज्ञापन संख्या 2/2012 के तहत अनुभव के आधार पर नियुक्त हुए थे। अब राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास नहीं कर पाए हैं, उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी, अन्यथा सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।


अनुभव के आधार पर हुई थी नियुक्ति

वर्ष 2012 में जारी भर्ती विज्ञापन की शर्तों के अनुसार चार वर्ष के शिक्षण अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। उस समय यह भी प्रावधान था कि चयनित शिक्षकों को 1 अप्रैल 2015 तक एचटेट पास करना अनिवार्य होगा।

कई शिक्षक तय समयसीमा तक परीक्षा पास नहीं कर सके। इसके बाद 27 अप्रैल 2017 को एक नया आदेश जारी कर उन्हें राहत दी गई थी।


नियुक्ति पत्र में जोड़ी गई शर्त

2017 के निर्देशों के तहत जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को कहा गया था कि ऐसे शिक्षकों के नियुक्ति पत्र में यह शर्त जोड़ी जाए कि उन्हें भविष्य में एचटेट उत्तीर्ण करना होगा।

बाद में अप्रैल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आदेश जारी कर इन शिक्षकों को बड़ी राहत दी थी। उस आदेश में कहा गया था कि उन्हें आगे एचटेट या बीएड करने की अनिवार्यता से छूट रहेगी और वे सेवा में बने रह सकेंगे।


सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

पिछले वर्ष 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्णय सुनाते हुए पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी। यह प्रावधान उन सभी शिक्षकों पर लागू माना गया जो 2011 में शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद नियुक्त हुए हैं।


सैनी सरकार का नया निर्देश

अब मौजूदा प्रदेश सरकार, जिसे आमतौर पर नायब सैनी सरकार कहा जा रहा है, ने पूर्व में दिए गए आदेशों की समीक्षा करते हुए नया निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार जिन शिक्षकों ने अब तक एचटेट उत्तीर्ण नहीं किया है, उन्हें मार्च 2027 तक परीक्षा पास करनी होगी।

निर्धारित समयसीमा तक पात्रता परीक्षा पास नहीं करने की स्थिति में संबंधित शिक्षकों की सेवाएं बिना पूर्व सूचना समाप्त की जा सकती हैं।


इस फैसले के बाद प्रदेश के हजारों शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्धारित समय के भीतर कितने शिक्षक एचटेट पास कर पाते हैं।

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