
कैथल जिले के सीवन ब्लॉक अंतर्गत गांव आंधली की महिला सरपंच परमजीत कौर के खिलाफ हरियाणा पंचायती राज विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने उन्हें सरपंच पद से हटाने के साथ-साथ अगले छह वर्षों तक किसी भी पंचायत चुनाव में भाग लेने से अयोग्य घोषित कर दिया है।
सरपंच पर ग्राम पंचायत की करीब 52 एकड़ भूमि के नियमों के विपरीत उपयोग का आरोप साबित हुआ है। जांच में सामने आया कि पंचायत भूमि को विधिवत लीज पर दिए बिना ही कुछ पट्टेदारों को खेती करने की अनुमति दी गई। इसके लिए सरपंच ने अपने मोबाइल फोन का ओटीपी साझा किया, जिससे संबंधित भूमि को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया।
पट्टेदारों ने पोर्टल पर करवाया पंजीयन
बताया जा रहा है कि यह मामला मई-जून 2024 का है। गांव निवासी अवतार सिंह ने इस संबंध में तत्कालीन उपायुक्त को शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया था कि पंचायत भूमि का पंजीकरण पट्टेदारों के नाम करवा दिया गया, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें और अपनी फसल बेच सकें, जबकि नियमों के अनुसार पंचायत भूमि को बिना लीज दिए इस तरह उपयोग में लाना अवैध है।
जाँच में सहयोग नहीं करने का आरोप
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सरपंच परमजीत कौर ने न तो जांच प्रक्रिया में सहयोग किया और न ही अपना पक्ष दर्ज कराया। विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन उसके बावजूद आरोप सही पाए गए।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी रितु लाठर ने बताया कि समुचित जांच के बाद सरपंच को पद से हटाया गया है और अब वे आगामी छह वर्षों तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य रहेंगी। यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है।











