
श्रीनगर: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके के बाद देश अभी सतर्क था कि इस बीच श्रीनगर के नौगाम थाने से देर रात एक बड़ा विस्फोट होने की खबर आई। शुक्रवार रात लगभग 11:20 बजे हुए इस ब्लास्ट ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जबकि थाने के भीतर मौजूद टीमों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
जांच के दौरान हुआ हादसा
पहली नजर में इसे एक आतंकी घटना समझा गया, क्योंकि यही थाना हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद के सफेदपोश टेरर नेटवर्क की जांच का मुख्य केंद्र बना हुआ था। लेकिन प्रारंभिक इनपुट में साफ हुआ है कि यह विस्फोट जांच के दौरान बरामद विस्फोटक सामग्री हैंडल करते समय हुआ।
पुलिस के अनुसार, थाना परिसर में सुरक्षा एजेंसियों, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और तहसील प्रशासन की टीमें जब्त किए गए अमोनियम नाइट्रेट की जांच कर रही थीं। इसी दौरान विस्फोटक सामग्री में अचानक ब्लास्ट हो गया, जिससे कई अधिकारी और कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।
एयरपोर्ट के निकट होने से बढ़ी संवेदनशीलता
नौगाम थाना श्रीनगर एयरपोर्ट के बेहद पास स्थित है, इसलिए किसी भी धमाके को लेकर सुरक्षा एजेंसियों में तेजी से हलचल मच गई।
ब्लास्ट के तुरंत बाद आसपास के क्षेत्रों—रावलपोरा और नौगाम में नाकेबंदी कर दी गई। रात में ही अतिरिक्त पुलिस बल और CRPF की टुकड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया।

घटना CCTV में कैद
थाने के भीतर लगे CCTV कैमरों में धमाके की आवाज और उसके तुरंत बाद उठे धुएं को रिकॉर्ड किया गया है। फुटेज में दिख रहा है कि विस्फोट इतना तेज था कि पास मौजूद कमरे और खिड़कियों में हलचल पैदा हो गई।
चश्मदीदों के मुताबिक—
“धमाके की आवाज इतनी तीखी थी कि आसपास के घरों में बैठे लोग भी घबराकर बाहर निकल आए।”
जैश मॉड्यूल की जांच से जुड़ा था थाना
कुछ दिनों पहले श्रीनगर पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद के ‘सफेदपोश मॉड्यूल’ का पर्दाफाश किया था। जांच में कई कश्मीरी डॉक्टरों और अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था। इनसे की जा रही पूछताछ और संबंधित केस की फाइलें नौगाम थाने में ही थीं।
इसी वजह से यहां पहले से ही सुरक्षा बढ़ी हुई थी।

कितने लोग घायल – आधिकारिक बयान का इंतजार
घटना में घायल लोगों की संख्या को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि कई लोग धमाके के पास मौजूद थे और जांच टीम का एक हिस्सा भी इसकी जद में आया है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
अभी क्या स्थिति?
- थाना परिसर को पूरी तरह सील किया गया है
- FSL और बम डिस्पोज़ल स्क्वॉड मौके पर मौजूद
- पुलिस उच्च अधिकारी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं
- धमाके के कारणों की स्वतंत्र जांच शुरू
अधिकारियों का मानना है कि अमोनियम नाइट्रेट की मात्रा अधिक थी और निरीक्षण के दौरान उसमें रासायनिक प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।














