
हरियाणा में परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने तक अब नए जिले, मंडल, उपमंडल, तहसील या उपतहसील बनाए जाने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। पहले रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त और अब चुनाव आयोग ने भी प्रदेश में प्रशासनिक सीमाओं में किसी भी प्रकार के बदलाव पर रोक लगा दी है।
प्रदेश में परिसीमन प्रस्तावित है और उसके बाद ही प्रशासनिक ढांचे में संशोधन संभव होगा। हालांकि, यदि राज्य सरकार किसी नए जिले के गठन को लेकर गंभीर होती है तो कैबिनेट सब-कमेटी का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। इसी कमेटी के पास प्रदेश में नए जिले बनाए जाने से संबंधित कुल 11 प्रस्ताव पहुंचे थे।
इन प्रस्तावों में से हांसी, सफीदों, असंध, डबवाली, मानेसर और गोहाना को प्राथमिक सूची (शॉर्टलिस्ट) में शामिल किया गया था। अंततः सभी मानकों पर खरा उतरने वाला केवल हांसी रहा, जिसे हाल ही में हरियाणा का 23वां जिला घोषित किया गया।

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों की यह सब-कमेटी 31 दिसंबर को अपना कार्यकाल पूरा कर चुकी है। राज्य सरकार के पास इसे आगे बढ़ाने का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए चुनाव आयोग की स्वीकृति अनिवार्य होगी। साथ ही, सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के एक-एक प्रतिनिधि को कमेटी में शामिल करना भी जरूरी होगा।
गौरतलब है कि हिसार से अलग कर हांसी को नया जिला बनाए जाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। बाकी बचे प्रस्तावों में असंध, गोहाना, मानेसर, डबवाली और सफीदों के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों को जिला बनाए जाने के लिए मजबूत दावेदारी पेश की थी। हालांकि, जनसंख्या और अन्य तय मानकों पर ये क्षेत्र पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए, लेकिन काफी करीब जरूर रहे।
भविष्य में यदि हरियाणा में नए जिलों के गठन की प्रक्रिया दोबारा शुरू होती है, तो इन पांच शहरों के नाम सबसे आगे माने जा सकते हैं।










