पंचकूला।
₹657 करोड़ के चर्चित IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सीबीआई की विशेष अदालत में नियमित जमानत याचिका दायर की है। हालांकि, उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पूर्व आईएएस अधिकारी को सीबीआई ने 22 जून को गिरफ्तार किया था। मामले में दायर नियमित जमानत याचिका पर अब 30 जुलाई को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई होगी।
‘मेरे खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं’
जमानत याचिका में पंकज अग्रवाल ने दावा किया कि सीबीआई अब तक कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य पेश नहीं कर सकी है। उनका कहना है कि जांच एजेंसी ऐसा कोई दस्तावेज भी नहीं दिखा पाई, जिससे उनकी आपराधिक साजिश में भूमिका साबित हो सके। सीबीआई ने पंकज अग्रवाल को 22 जून को गिरफ्तार किया था। फिलहाल, वह न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी नियमित जमानत याचिका पर 30 जुलाई को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई होगी।
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CBI ने लगाए हैं ये आरोप
सीबीआई का आरोप है कि पंकज अग्रवाल ने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खुलवाने में अहम भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि उन्हें करीब ₹60.54 करोड़ के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी थी।
‘अनियमितता की कोई जानकारी नहीं थी’
पूर्व आईएएस अधिकारी ने कहा कि बैंक खाते खुलने के समय उन्हें किसी भी अनियमितता की जानकारी नहीं थी। वहीं, बाद में खातों से हुई कथित धोखाधड़ी की भी उन्हें कोई सूचना नहीं मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में तय की गई ₹50 करोड़ की सीमा बाद में हटा दी गई थी। इसलिए, प्रशासनिक मंजूरी को अवैध नहीं माना जा सकता।
30 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
फिलहाल, इस मामले में सभी की नजर 30 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर है। इसी दिन सीबीआई की विशेष अदालत पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुनाने की दिशा में आगे की कार्रवाई करेगी।


