जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU) में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में प्रेरणादायी व्याख्यान एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को मजबूत करना रहा।
सबसे पहले कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कारगिल विजय भारतीय सेना के साहस का अमर प्रतीक
इस दौरान मुख्य वक्ता हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कारगिल विजय केवल सैन्य सफलता नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान का अमर प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दुश्मन को परास्त कर दुनिया के सामने भारत की सैन्य क्षमता और अटूट संकल्प का परिचय दिया।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि इस युद्ध में 527 वीर सैनिकों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें हरियाणा के कई वीर जवान भी शामिल थे।
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युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
आगे बोलते हुए प्रो. चौहान ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा पीढ़ी होती है। यदि युवा अपने इतिहास, शहीदों और राष्ट्रीय दायित्वों को समझेंगे, तो भारत एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में और आगे बढ़ेगा।
साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ईमानदारी, अनुशासन, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी ऐतिहासिक घटना को बिना समझे स्वीकार करने के बजाय तथ्यों, तर्क और विवेक के आधार पर उसका अध्ययन करना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र की भूमिका पर भी डाला प्रकाश
वहीं, सोशल आउटरीच सेल के निदेशक डॉ. विजय कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र एक महत्वपूर्ण थिंक टैंक है, जो शोध, अध्ययन और जन-जागरूकता के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक विषयों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र समय-समय पर संगोष्ठियों, संवाद कार्यक्रमों और जन-जागरूकता अभियानों के जरिए समाज में सकारात्मक सोच, जनभागीदारी और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत कर रहा है।
कारगिल के शहीद हमेशा रहेंगे प्रेरणा स्रोत
इसके साथ ही, डॉ. विजय कुमार ने जम्मू-कश्मीर में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। हालांकि, भारतीय सेना ने हर चुनौती का साहस और अनुशासन के साथ सामना करते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा की।
अंत में, उन्होंने युवाओं से जम्मू-कश्मीर के लोगों के प्रति आत्मीयता बढ़ाने और राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के माध्यम से कारगिल के वीर शहीदों के शौर्य और बलिदान को अपनी कला के जरिए प्रस्तुत किया।


