चंडीगढ़। हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के पहले चरण में मतदाता सूची से जुड़ी बड़ी संख्या में विसंगतियां सामने आई हैं। राज्य के करीब 26 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में नाम, पता, उम्र और अन्य जानकारियों से संबंधित त्रुटियां मिली हैं। निर्वाचन आयोग ने इन रिकॉर्ड को दुरुस्त कराने के लिए संबंधित मतदाताओं को दो महीने का समय दिया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि एसआईआर का पहला चरण पूरा हो चुका है। इस दौरान राज्यभर में 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार से अधिक मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए थे। इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 71 हजार 361 मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा करा दिए। जांच के दौरान करीब 26 लाख रिकॉर्ड में अलग-अलग प्रकार की गड़बड़ियां पाई गईं।

पहले बीएलओ करेगा जांच, जरूरत पड़ने पर भेजा जाएगा नोटिस
निर्वाचन विभाग के अनुसार सबसे पहले संबंधित बीएलओ (Booth Level Officer) रिकॉर्ड की जांच करेगा। यदि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी रिपोर्ट से संतुष्ट होंगे तो रिकॉर्ड में सुधार कर दिया जाएगा। किसी प्रकार का संदेह होने पर संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा और उसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
31 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
निर्वाचन आयोग के अनुसार 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 28 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरण अवश्य जांच लें। यदि कोई त्रुटि मिले तो निर्धारित समय के भीतर उसका सुधार करा लें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिना सुनवाई किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।
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18 लाख मतदाताओं की नहीं हो सकी मैपिंग
राज्य में करीब 18 लाख मतदाताओं की वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी है। ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि तय समय में जवाब नहीं मिला तो उनका नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
मैपिंग न होने के सबसे अधिक मामले इन जिलों में सामने आए हैं—
- फरीदाबाद – 22%
- गुरुग्राम – 16.53%
- अंबाला – 12.55%
- पंचकूला – 10.55%
जांच में सामने आईं ये प्रमुख गड़बड़ियां
- जन्म तिथि और उम्र में असामान्य अंतर।
- माता-पिता और बच्चों की उम्र में 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक का अंतर।
- दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र में 40 वर्ष से कम का अंतर।
- पुरानी और नई मतदाता सूची में माता-पिता या रिश्तों का अलग-अलग दर्ज होना।
- महिलाओं का नाम एक सूची में पिता और दूसरी में पति के नाम से दर्ज होना।
33.84 लाख लोगों के नाम सूची में दर्ज नहीं हो सके
जांच के दौरान 33 लाख 84 हजार 568 लोगों के नाम अंतिम सूची में दर्ज नहीं हो सके। इनमें—
- 13.75 लाख लोग स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं।
- 7.66 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है।
- 2.04 लाख मतदाता पहले से सूची में दर्ज मिले।
- 9.36 लाख मतदाता सत्यापन के दौरान अनुपस्थित पाए गए।
- 1.01 लाख से अधिक लोगों ने गणना प्रपत्र जमा नहीं कराया।
छूटे हुए मतदाता भर सकते हैं फॉर्म-6
निर्वाचन आयोग ने बताया कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया या जिन्होंने गणना प्रपत्र जमा नहीं किया, वे फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वहीं, फॉर्म-7 नाम हटाने और फॉर्म-8 नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
लापरवाही पर 54 बीएलओ निलंबित
एसआईआर अभियान में लापरवाही बरतने के आरोप में 54 बीएलओ को निलंबित किया गया है। इनमें करनाल के 17, मेवात के 9, झज्जर के 5, सोनीपत और जींद के 4-4, रोहतक के 3, महेंद्रगढ़ के 3, फरीदाबाद के 3, कुरुक्षेत्र के 2, गुरुग्राम के 2 और पलवल के 2 बीएलओ शामिल हैं।


