कुरुक्षेत्र। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय मेले केवल औपचारिक सरकारी आयोजन नहीं हैं, बल्कि ऐसे मंच हैं जहां जरूरतमंद लोगों को उनकी पात्रता और आवश्यकता के अनुसार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है।
मुख्यमंत्री रविवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में आयोजित अंत्योदय मेले को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को भी सुना। इसके बाद मुख्यमंत्री ने लाडवा के गोविंदपुरा निवासी ताराचंद को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति पत्र सौंपकर लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया की शुरुआत की।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के पहुंचे। उन्होंने कहा कि अंत्योदय मेले इसी सोच के साथ आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अलग-अलग विभागों की योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो और पात्र लोगों को मौके पर ही सहायता मिल सके।
युवा बनें रोजगार देने वाले
युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में केवल सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा करना ही विकल्प नहीं है। उन्होंने युवाओं से स्वरोजगार अपनाने, कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।
‘मन की बात’ को बताया प्रेरणा का मंच
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। इसके जरिए देशभर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों की प्रेरणादायक कहानियां सामने आती हैं, जिससे युवाओं, किसानों, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को नवाचार, मेहनत और सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ लोगों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।


