हरियाणा के गन्नौर में करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। गन्नौर थाना पुलिस ने लंबी जांच के बाद इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की अवैध रजिस्ट्री कर दी।
पूरी प्रक्रिया में डीड राइटर पर भी सहयोग करने के आरोप
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़ा सुरेश, उत्तर प्रदेश निवासी सुरेंद्र, कथित खरीदार बलबीर, फर्जी जमीन मालिक की भूमिका निभाने वाला प्रमोद और डीड राइटर दिनेश कुमार शामिल हैं। जांच में सामने आया कि सुरेश ने सुरेंद्र को जमीन की जानकारी दी, जिसके बाद सुरेंद्र ने नकली कागजात तैयार करवाए। प्रमोद ने खुद को जमीन मालिक बताकर सौदा किया, जबकि बलबीर खरीदार बना। इस पूरी प्रक्रिया में डीड राइटर पर भी सहयोग करने के आरोप लगे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई। शुरुआती जांच में ही रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिसके बाद पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
12 जनवरी को एसीपी गन्नौर को शिकायत
शिकायतकर्ता विकास पाड़िया, जो दिल्ली के शालीमार बाग इलाके के निवासी हैं, ने 12 जनवरी को एसीपी गन्नौर को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी की करीब 36 कनाल जमीन गन्नौर के बाय रोड पर स्थित है, जिसकी रजिस्ट्री वर्ष 2011 में हुई थी। लेकिन हाल ही में उन्हें पता चला कि उनकी जमीन को फर्जी कागजों के आधार पर करीब 6.16 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी रजिस्ट्री के दौरान कुछ लोगों को गवाह और नंबरदार के रूप में दिखाया गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर एसआईटी का गठन किया, जिसने कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान पुलिस इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।


