हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम वेतन दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। राज्य सरकार द्वारा मंजूर यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी, जिससे प्रदेश के लाखों कामगारों को सीधा लाभ मिलेगा।
मंत्री ने बताया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई नई श्रम संहिताओं के बाद हरियाणा ने वेतन दरों में संशोधन करने वाला अग्रणी राज्य बनने का दावा किया है। इन नई श्रम संहिताओं में वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े नियमों को एकीकृत किया गया है, जिससे पुराने कानूनों को सरल बनाया गया है।
वेतन में करीब 35% तक बढ़ोतरी
नई दरों के अनुसार—
- अकुशल श्रमिकों का वेतन लगभग ₹11,274 से बढ़ाकर ₹15,220 कर दिया गया है
- अर्द्ध-कुशल श्रमिकों का वेतन करीब ₹12,430 से बढ़कर ₹16,780 हो गया है
- कुशल श्रमिकों की आय ₹13,704 से बढ़कर ₹18,500 तक पहुंच गई है
- उच्च कुशल श्रमिकों का वेतन ₹14,389 से बढ़ाकर ₹19,425 कर दिया गया है
हर श्रेणी में लगभग 35% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे मजदूरों की आमदनी में अच्छा सुधार होगा।
श्रमिकों के जीवन स्तर पर असर
सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। साथ ही इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। श्री विज ने बताया कि चार नई श्रम संहिताएँ-वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020- को 21 नवंबर 2025 से लागू किया गया और इन संहिताओं के लागू होने से देश के 29 पुराने और बिखरे हुए श्रम कानूनों का सरलीकरण और तर्कसंगत एकीकरण किया गया है।
सरकार की प्राथमिकता
श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें बेहतर कार्य परिस्थितियां देना सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले समय में भी श्रमिकों के हित में ऐसे फैसले जारी रहेंगे।

