आसाराम बापू मामले के अहम गवाह रहे महेंद्र चावला से जुड़े ब्लैकमेलिंग केस में पुलिस ने उसे 5 दिन की रिमांड के बाद दोबारा अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
अब तक 44 लाख रुपए बरामद
डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स के मुताबिक, अतिरिक्त रिमांड के दौरान पूछताछ में अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 10 लाख रुपये और बरामद किए हैं। अब तक इस मामले में कुल 44 लाख रुपये रिकवर किए जा चुके हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने महेंद्र के भतीजे की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन गिरफ्तारी की भनक लगने के चलते वह फरार हो गया। फिलहाल उसकी तलाश जारी है।
इस केस में एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें महेंद्र का भाई देवेंद्र एक मध्यस्थ के घर से नकदी से भरा बैग ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस ने महेंद्र का मोबाइल फोन और कार कब्जे में लेकर फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि और सबूत जुटाए जा सकें।
पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी आरटीआई के जरिए जानकारी जुटाकर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाता रहा है। इसी तरीके से उसने एक सरपंच से गवाही बदलवाने के नाम पर करीब 70 लाख रुपये लिए और बाद में और रकम की मांग भी की।
महेंद्र की मां भी केस में शामिल
मामले की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी। शिकायतकर्ता भगत सिंह के अनुसार, महेंद्र की मां गोपाली देवी ने उनसे संपर्क कर बताया था कि उनके केस में भारी खर्च हो चुका है, जिसके बाद घटनाक्रम ने ब्लैकमेलिंग का रूप ले लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।


