नाबालिग के साथ कथित मारपीट और थर्ड डिग्री यातना के आरोपों ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। इस मामले में यूआईटी थाने के एसएचओ दारा सिंह मीणा समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ रविवार देर रात केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों पर मारपीट और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले भी पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ परिवार ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार पुलिस को मामला दर्ज करना पड़ा। रविवार शाम कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग चौपानकी थाने पहुंचे और धरना दिया। रात में पूर्व विधायक संदीप यादव और कांग्रेस नेता इमरान खान भी प्रदर्शन में शामिल हुए, जिसके बाद देर रात एफआईआर दर्ज हुई।
परिजनों ने लगाए ये आरोप
परिवार के अनुसार, 21 अप्रैल की दोपहर पुलिसकर्मी घर पहुंचे और 16 साल के लड़के को जबरन अपने साथ ले गए। उस वक्त वह पूरी तरह ठीक था। बाद में उसके चचेरे भाई के पास एक फोन कॉल आई, जिसमें लड़का रोते हुए खुद पर मारपीट होने की बात कह रहा था।
अगले दिन जब परिजन थाने पहुंचे तो उन्हें लड़के से मिलने नहीं दिया गया। कुछ देर बाद सूचना मिली कि उसे भिवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां पहुंचने पर वह बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर मिला। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि जयपुर में भी पुलिस ने उन्हें वीडियो और फोटो बनाने से रोका और रिकॉर्डिंग डिलीट करवा दी।
नाबालिग के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया
वहीं, भिवाड़ी के एसपी ब्रजेश उपाध्याय का कहना है कि लड़के के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया है और फिलहाल उसका इलाज जयपुर के निम्स अस्पताल में चल रहा है। मामले की जांच एडिशनल एसपी अतुल साहू को सौंपी गई है और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


